अजब तमाशा
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तमतमाया चेहरा
आँखो में प्यार देखा
चंदा को धूप के संग
हमने तो यार देखा
वो भली बुरी बातें
चेहरे पे उनके कहना
और दिल ही दिल में उनपे
किसीका मरते रहना
लेकर उन्हीं की यादों को
बेकरार देखा
चंदा को धूप के संग
हमने तो यार देखा
मिलने को ना आना तुम
होठों से उनको कहना
आँखों से फिर भी उनकी
राहों को तकते रहना
कैसा अजब तमाशा
कैसा करार देखा
चंदा को धूप के संग
हमने तो यार देखा
तुषार जोशी, नागपूर









