रविवार, 15 मई 2011

कितना प्यार

(छायाचित्र सौजन्य: पूजा)
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कितना प्यार
कितना प्यार तेरी आँखों में
उमड रहा है
यूँ बेकरार
कितना प्यार

मेरी उडान
देखकर तुम्हे जो मिलती है खुशी
वही छलकती है आँखों से
धन्य हो जाता हूँ
आँखें नीर बहार
कितना प्यार

कितना साधारण हूँ
सब जैसा ही एक
तुम ईतना विश्वास जताकर
बल देते हो
महान कर देते हो यार
कितना प्यार

यही भरोसा
टिकने के लिये
कुछ भी कर जाऊंगा मैं
जब पता चलेगा
देखुंगा हर बार
कितना प्यार

तुषार जोशी, नागपूर
१५ मई २०११, २१:२५

2 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी उडान
    देखकर तुम्हे जो मिलती है खुशी
    वही छलकती है आँखों से
    धन्य हो जाता हूँ
    आँखें नीर बहार
    कितना प्यार

    Nishabd karati panktiyan..... bhaut badhiya

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  2. आभारी हूँ मोनिका जी. आपने मेरा हौसला बढा दिया.

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