गुरुवार, 8 जुलाई 2010

आप फिर मुस्कुरा दिये

(छायाचित्र सहयोग: निधी)

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बडी मुश्कील से अभी
दिल जरा सम्हँला था
आप फिर मुस्कुरा दिये
दिल तेज धडकने लगा
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हवाएँ तेज बहनें लगीं
घिर आये घने बादल
तीर निशाने जा लगा
हम हो गए घायल
पंछी झुमने चहकने लगे
जर्रा जर्रा महकने लगा
आप फिर मुस्कुरा दिये
दिल तेज धडकने लगा
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आपकी सुहानी हँसी में
पायी हर मर्ज की दवा
आप सिर्फ हँस दिये पर
गजब का असर हुवा
वक्त थम गया वहीं पर
समय बहकने लगा
आप फिर मुस्कुरा दिये
दिल तेज धडकने लगा
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तुषार जोशी, नागपूर
०८ जुलै २०१०, २१:३०
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