शुक्रवार, 8 जून 2007

धन


beach view classroom, originally uploaded by amrita b.

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जब कोई नहीं होता
पेड के निचे तुमसे मिलने आता हूँ
सारा ताप भूल कर नवीन
इच्छा शक्ति की फेक्टरी बन जाता हूँ

तेरे बालों में उंगलीया फेर कर
हमेशा तीव्र उर्जा मिली है
तेरी खुशबू में नहा कर
मेरी प्रतिभा सज निकली है

तेरे होने से मेरा होना है
तेरा साथ ही मेरा जीवन है
मेरी प्यारी कविता तू ही
मेरे जीवन का अमुल्य धन है

तुषार जोशी, नागपुर

1 टिप्पणी:

  1. तेरे होने से मेरा होना है
    तेरा साथ ही मेरा जीवन है
    मेरी प्यारी कविता तू ही
    मेरे जीवन का अमुल्य धन है

    बेहद सहज सरल और प्यारी रचना।

    *** राजीव रंजन प्रसाद

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