मंगलवार, 1 मई 2007

प्रथम हिन्दी चिठ्ठा

आज अपना पहला हिन्दी चिठ्ठा आरंभ करके प्रसन्नता हो रही है - तुषार

2 टिप्‍पणियां:

  1. हँसमुख जी2 मई 2007 को 9:21 am

    बड़ी सादगी से उकेरे हुये मन के चित्र बने हैं सरल शब्दों में लिपटी हुई रचनाएं; जो कहीं मन के किसी कोने में बसी मधुर स्मृतियों को झंकृत कर देती हैं.

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  2. तुषार जी, आपका ब्‍लाग देखा, कविताओं के साथ चित्रों का चयन अद्भुत है।

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